The End of Monarchy: राजशाही का अंत (Hindi Edition) por Dr. Mohan Lal Gupta

The End of Monarchy: राजशाही का अंत (Hindi Edition) por Dr. Mohan Lal Gupta

Titulo del libro: The End of Monarchy: राजशाही का अंत (Hindi Edition)

Autor: Dr. Mohan Lal Gupta

Fecha de lanzamiento: September 6, 2015

Editor: Shubhda Prakashan

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Dr. Mohan Lal Gupta con The End of Monarchy: राजशाही का अंत (Hindi Edition)

अंग्रेजों ने भारत को दो हिस्सों में बांट दिया था। पहला था ब्रिटिश भारत जिसमें 11ब्रिटिश प्रांत और कुछ केन्द्र शासित प्रदेश थे। दूसरा हिस्सा रियासती भारत कहलाता था जिसमें 565 भारतीय रियासतें थीं। कांग्रेस, ब्रिटिश भारत की उपज थी तथा ब्रिटिश भारत में ही उसकी गतिविधियां सीमित थीं।

जब कांग्रेस ने ब्रिटिश शासित क्षेत्रों में भारतीय स्वातंत्र्य आंदोलन आरम्भ किया तब लम्बे समय तक वह देशी राज्यों के प्रति उदासीन ही रही। शीघ्र ही कांग्रेस को समझ में आ गया कि ऐसा संभव नहीं है कि देशी रियासतों को आजादी के आंदोलन से उदासीन रखा जाये। कांग्रेस दो स्तर पर अर्थात् ब्रिटिश क्राउन और देशी राजाओं से एक साथ संघर्ष नहीं चाहती थी। अंततः एक मार्ग ढूंढा गया और देशी राज्यों में आंदोलन चलाने के लिये, देशी राजा की छत्रछाया में उत्तरदायी शासन की स्थापना का लक्ष्य स्वीकार किया गया। यह संघर्ष काफी लम्बा चला। इस दौरान राजाओं और उनके तन्त्र ने, उत्तरदायी शासन मांगने वालों का भयानक उत्पीड़न किया। जेल की कोठरियों में कितनों को ही जिंदा जलाकर मार डाला गया। कितनों के घर उजड़ गये। कितने ही परिवार हमेशा के लिये मिट गये।

प्रस्तुत पुस्तक राजपूताना के देशी राज्यों में हुए इसी संघर्ष की कहानी है। आशा है यह पुस्तक भारत की आजादी के उस भूले बिसरे इतिहास को फिर से पाठकों के समक्ष लाने में सफल होगी जिसे अधिकांश भारतीय इतिहासकार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा ही नहीं मानते।